डिक्लाइन पुशअप
डिक्लाइन पुशअप पैरों को ऊँचा (कुर्सी/बेंच/बॉक्स) रखकर और हाथों को फर्श पर रखकर की जाती है, शरीर को नीचे की ओर झुकाते हुए ताकि ज़ोर ऊपरी छाती और अग्र कंधों की ओर जाए। ये अर्ध-उल्टी स्थिति के पुश व्यायामों और आखिरकार HSPU (हैंडस्टैंड पुशअप) की एकदम सही तैयारी हैं।
कैसे करें: पैर ऊँची सतह पर, हाथ फर्श पर कंधों की चौड़ाई पर। शरीर एक सीधी रेखा में। कोर और ग्लूट्स सक्रिय। कोहनियाँ मोड़ते हुए छाती नीचे लाएँ; इस स्थिति में वे स्टैंडर्ड पुशअप की तुलना में थोड़ा अधिक खुलेंगी, जो सामान्य है। छाती आपके सामने तिरछे रूप से फर्श की ओर नीचे जाती है। वापस धकेलें।
आदर्श ऊँचाई: शुरुआती लोगों के लिए स्टैंडर्ड कुर्सी (~45 सेमी); उन्नत लोगों के लिए कूल्हे की ऊँचाई या अधिक।
हैंडस्टैंड की ओर प्रगति: पैर जितने ऊँचे उठाए जाएँ, व्यायाम उतना ही पाइक पुशअप और HSPU जैसा हो जाता है। डिक्लाइन पुशअप उस प्रगति का एक मूलभूत स्तंभ हैं।
आम गलतियाँ: कोर सक्रिय न करना (कूल्हे गिरना); पर्याप्त नीचे न जाना; कोहनियाँ 75 डिग्री से अधिक खुलना जिससे कंधे पर अधिक भार पड़े।