डीप पुशअप
डीप पुशअप हाथों को ऊँचे सहारे (पैरालेट्स, ब्लॉक, कुर्सियाँ) पर रखकर की जाती है, जो छाती को हाथों के स्तर से नीचे उतरने देती है, जिससे गति की रेंज और पेक्टोरल का स्ट्रेच दोनों बढ़ते हैं।
क्या बदलता है: सामान्य पुशअप में जब छाती फर्श को छू लेती है तो गति रुक जाती है। यहाँ छाती 10-15 सेमी और नीचे जा सकती है, पेक्टोरल को एक ऐसी लंबाई तक स्ट्रेच करते हुए जो सामान्य तरीके से संभव नहीं। अधिक रेंज = अधिक नियंत्रित मांसपेशी क्षति = अधिक अनुकूलन।
कैसे करें: फर्श पर सहारे कंधों की चौड़ाई पर। न्यूट्रल ग्रिप (अंगूठे आगे की ओर)। नियंत्रित तरीके से तब तक नीचे जाएँ जब तक छाती हाथों के स्तर से नीचे न आ जाए। सबसे निचले बिंदु से, पूरी ताकत से ऊपर धकेलें।
सावधानी: अधिक रेंज का मतलब कंधे के अग्र कैप्सूल पर भी अधिक तनाव है। कंधे में चोट के इतिहास के साथ, इस व्यायाम को बहुत धीरे-धीरे शामिल करें।
अतिरिक्त लाभ: रिंग डिप्स के लिए बेहतरीन तैयारी, जहाँ अस्थिरता एक अतिरिक्त कारक है।