स्टैंडर्ड पुशअप
स्टैंडर्ड पुशअप कैलिस्थेनिक्स का सबसे मूलभूत पुश व्यायाम है। इसमें महारत हासिल करना वह नींव है जिस पर सभी उन्नत वेरिएंट बनाए जाते हैं। कोई भी कठिन वेरिएंट ऐसा नहीं है जिसे एक बेहतरीन स्टैंडर्ड पुशअप से फायदा न मिले।
कैसे करें: हाथ सीधे कंधों के नीचे या थोड़े अधिक चौड़े, उंगलियाँ आगे या थोड़ी बाहर की ओर। शरीर एक परफेक्ट तख्ती: कोर सक्रिय, ग्लूट्स भींचे हुए, सिर तटस्थ। कोहनियों को धड़ से 30-45 डिग्री पर मोड़ते हुए तब तक नीचे जाएँ जब तक छाती फर्श को छू न ले। एक इकाई की तरह ऊपर धकेलें: कूल्हे और छाती एक ही गति से ऊपर आएँ। ऊपर जाते समय सांस छोड़ें।
कोर की भूमिका: पुशअप उतना ही कोर का व्यायाम है जितना छाती का। कोर सक्रिय किए बिना कूल्हा गिरता है और रीढ़ पर असर पड़ता है।
संकेतात्मक वॉल्यूम: शुरुआती 3×5-10; मध्यम 3-4×15-20; उन्नत प्रति सत्र कुल 50+ रेप्स।
प्रगति: जब आप बेदाग तकनीक के साथ 3×20 में महारत हासिल कर लें, तो अधिक चुनौतीपूर्ण वेरिएंट (क्लोज़, आर्चर, डिक्लाइन) की खोज करें।