कोर

प्लैंक (आइसोमेट्रिक)

बिलकुल शुरुआती स्तर 15/100

आइसोमेट्रिक प्लैंक कैलिस्थेनिक्स का सबसे मूलभूत कोर स्थिरीकरण व्यायाम है। एथलीट फोरआर्म्स और पंजों के बल क्षैतिज तख्ती की स्थिति में शरीर बनाए रखता है, जिसमें कोर की सभी मांसपेशियाँ लक्ष्य समय तक गुरुत्वाकर्षण का प्रतिरोध करने के लिए आइसोमेट्रिक रूप से सक्रिय रहती हैं।

यह असल में क्या काम करता है: आम धारणा के विपरीत, प्लैंक मुख्य रूप से रेक्टस एब्डोमिनिस पर काम नहीं करता। यह ट्रांसवर्स एब्डोमिनिस (गहरी मांसपेशी कोर्सेट), आंतरिक और बाहरी ओब्लीक्स, सेराटस एंटीरियर, ग्लूट्स और पैरावर्टिब्रल मांसपेशियों पर तीव्रता से काम करता है। यह धड़ का संपूर्ण स्थिरीकरण है।

तकनीकी निष्पादन: फोरआर्म्स फर्श पर, कोहनियाँ सीधे कंधों के नीचे। पंजे फर्श पर। शरीर सिर से लेकर एड़ियों तक पूरी तरह सीधी रेखा बनाता है। ग्लूट्स को अधिकतम शक्ति से सक्रिय करें। कोर को ऐसे सक्रिय करें जैसे पेट पर मुक्का लगने वाला हो। सिर रीढ़ के साथ संरेखित, न ऊपर उठा हुआ न नीचे गिरा हुआ।

सही तकनीक के संकेत: कूल्हे न तो ऊपर उठते हैं (उलटा V) न ही गिरते हैं (हाइपरलॉर्डोसिस)। धड़ का कोई पार्श्व घूर्णन नहीं है।

लक्ष्य: 60 सेकंड परफेक्ट प्लैंक आधार स्तर है। उन्नत एथलीट: 3-5 मिनट लगातार।

प्लैंक (आइसोमेट्रिक)
स्तरशुरुआती
सेट3-4 × 20-60 सेकंड
आराम60-90 सेकंड
उपकरणफर्श
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